वो महखाने में आया
अपना सिर मेज़ पे रखा
सेवादार को हुकुम दिया
फिर गलास्सी उठाई
एक पैग
दो पैग
तीन
फिर पता नही कितने
जब उसको लगा
के उसका सीना अब पुरजोर है
तो उसने मेज़ पर
इधर उधर हाथ मारा
और मेज़ पर पड़ा
किसी और का सिर
उठाकर
अपने घर लौट गया
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